भारत की बेटी स्वाति मोहन ने मंगल मिशन में NASA को दिलाई सफलता: डॉ. स्वाति मोहन

पुरुष प्रधान देश होने के बावजूद भी महिलाएं हर जगह उनके साथ कंधा-कंधा मिलाकर चल रहीं हैं। क्षेत्र चाहे कोई भी हो देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपने जीत का परचम लहराने में कामयाब हैं। एक बार पुनः देश की बेटी ने नासा में परसिवरेन्स मंगल ग्रह पर लैंड कराने के दौरान कॉर्डिनेट किया है।

कौन है स्वाति मोहन?

नासा (NASA) का रोवर परसिवरेन्स (Rover Preseverance) मंगल ग्रह पर कामयाबी के साथ लैंड किया। परसिवरेन्स को टेकऑफ किये भूमि पर 7 माह हुए थे, लेकिन अब यह सफलतापूर्वक मंगल ग्रह पर लैंड कर चुका है। इस कार्य में स्वाति का अहम रोल है। स्वाति मोहन मूल रूप से भारतीय हैं और अमेरिकी साइंटिस्ट डॉक्टर हैं।

Swati Mohan mangal Mission NASA

मात्र 1 वर्ष उम्र में गई अमेरिका

डॉक्टर स्वाति मोहन का जन्म इंडिया में हुआ, लेकिन मात्र 1 वर्ष की उम्र में वह अमेरिका चली गईं। अब वह अमेरिकी वैज्ञानिक हैं। जानकारी के अनुसार मात्र 9 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रथम बार स्टार ट्रेक देखा। तब से उनकी ख़्वाहिश थी कि वह ब्रह्मांड को देखने जाएं। उन्होंने अपना बचपन उत्तरी वर्जीनिया-वाशिंगटन DC मेट्रो इलाके में व्यतीत किया है।

Swati Mohan mangal Mission NASA

स्वाति की शिक्षा

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सम्पन्न किया और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में नामांकन हुआ। यहां उन्होंने मैकेनिकल एवं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। Phd के लिए उन्होंने एयरोनोटिक्स में MIT के द्वारा MS और Phd सम्पन्न की।

Swati Mohan mangal Mission NASA

बड़े प्रोजेक्ट पर किया है कार्य

ऐसा नहीं कि यह मौका प्रथम है, जब उन्होंने बड़े प्रोजेक्ट में अपनी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कैसिनी और ग्रेल जैसे बृहद योजना पर भी कार्य किया है।   

जिस काबिलियत के साथ स्वाति अपने मक़सद में कामयाबी हासिल कर रही हैं, वह सराहनीय है। हमारी तरफ से स्वाति मोहन को उनकी सफलता के लिए बधाई।

News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *