श्रद्धा धवन ने 11 वर्ष की उम्र में संभाला अपना डेयरी का कारोबार, सलाना कमा रहीं 72 लाख रूपए

अगर हौसला बुलंद हो तब उम्र की सीमा मायने नहीं रखती। कड़ी मेहनत कर छोटी उम्र में भी बड़ी कामयाबी प्राप्त की जा सकती है। कुछ ऐसी ही कहानी है, महाराष्ट्र (Maharastra) के अहमदनगर की रहने वाली लड़की ‘श्रद्धा धवन’ की, जिन्होंने (Shraddha Dhawan) 21 साल की उम्र में बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है।

मात्र 11 वर्ष में संभाला अपना बिजनेस

श्रद्धा बिजनेस घराने से आती हैं। बिजनेस उनके घर का ही था परंतु पिछले कुछ सालों से लगातार नुकसान हो रहा था। श्रद्धा ने 11 साल की उम्र में इसे नुकसान से बचाने के लिए अपने पिता से इसकी कमान अपने हाथ में ले ली।

श्रद्धा सलाना 72 लाख की कमाई करती हैं

बिजनेस के वजह से श्रद्धा के पढ़ाई पर बहुत गहरा असर पड़ा परंतु श्रद्धा बिजनेस और पढ़ाई दोनों का अच्छे से तालमेल बैठाकर चली और आज वह अपने बिजनेस द्वारा सलाना 72 लाख रुपये की आमदनी कर रही हैं। श्रद्धा के पिता डेयरी का बिजनेस करते थे। शुरुआती दिनों में उनके पास 6 भैंस थी लेकिन, धीरे-धीरे उन्हें नुकसान होता गया। अंत में उनके पास केवल 1 भैंस ही रह गई, जिससे उनके परिवार की रोजी रोटी चलती थी।

Shradha Dhawan doing

एक भैंस के साथ संभाला बिजनेस

श्रद्धा के पिता दिव्यांग हैं और ऐसी हालत में भी वह बाइक पर दूध ढोकर दूर-दूर तक बेचने जाया करते थे। इस कार्य में उन्हें बहुत मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता था। हालांकि धीरे धीरे उनकी शारीरिक स्थिति जवाब दे रही थी। इस वजह से भैंसें बिक गईं और वर्ष 1998 तक सिर्फ एक ही भैंस रह गई, तब से श्रद्धा अपने पिता के साथ डेयरी के काम करने लगीं। कुछ साल तक ऐसे ही काम करने के बाद वह अपने तरीके से बिजनेस को आगे चलाने लगीं।

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श्रद्धा ने डेयरी की पूरी जानकारी प्राप्त की

इस सफर में उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह खुद बाइक से दूध की सप्लाई देने जाती। विज्ञान के नज़रिए से उन्होंने भैंस और डेयरी प्रोडक्ट के बारे में जानकारी भी हासिल की। उनका ध्यान भैंस के चारे से लेकर अन्य कई बातों में लगने लगा और उनके कारोबार को फिर से फायदा होने लगा। उन्होंने डेयरी की पूरी जानकारी प्राप्त की तथा फैट के सिस्टम को समझा। श्रद्धा ने अपने कामों में साइंस का इस्तेमाल किया।

Shradha Dhawan doing

श्रद्धा खुद रखती थी भैंस का पूरा ख्याल

डेयरी प्रोडक्ट की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए श्रद्धा ने काफी जानकारी हासिल की। साथ ही साथ उन्होंने भैंस के चारे पर भी खास ज़ोर दिया। श्रद्धा का परिवार भैंसों को सिर्फ ऑर्गेनिक चारा ही खिलाता है। श्रद्धा ने सारी बातों का खुद ख्याल रखा। भैंस के खाने पीने से लेकर साफ-सफाई तथा उनका मेडिकल चेकअप तक समय पर करवाती रहीं। श्रद्धा डेयरी में खुद बहुत से काम करती थीं।

इस बिजनेस से श्रद्धा के परिवार की सब समस्या दूर हो गई

श्रद्धा जब इस बिजनेस से जुड़ी तब उनके पास केवल एक भैंस थी परंतु अब उनके डेयरी में 80 से ज्यादा भैंसें हैं। डेयरी के उद्योग से 2 मंजिला मकान भी खड़ी हो गई है। भैंसों को रखने के लिए आज इतना बड़ा शेड बन गया है कि पूरे ज़िले में ऐसा कोई शेड नहीं है। अब परिवार की आर्थिक हालत पहले की तुलना में बहुत अच्छी हो गई है। हर महीने वह 6 लाख तक की आमदनी करती हैं। जब आसपास के लोगों को यह बात पता चली कि श्रद्धा की डेयरी का दूध शुद्ध है तथा इसमें कोई मिलावट नहीं है, तब उनकी दूध की बिक्री बड़ी तेज़ी से बढ़ने लगी। श्रद्धा की डेयरी में हर दिन 450 लीटर दूध का उत्पादन होता है। दूध का बिजनेस सही चलने से अब उनके परिवार की सब समस्या भी दूर हो गई।

श्रद्धा धवन की हिम्मत और उनकी कड़ी मेहनत की तारीफ के योग्य है।

News Desk

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