पीएम मोदी की योजना को किसान दे रहे परवान, 4686 करोड़ कर रहे एक्सपोर्ट

मोदी सरकार जैविक खेती को प्रमोट करने के लिए किसानों को आर्थिक मदद कर रही है। 4,686 करोड़ रुपए का प्रोडक्ट एक्सपोर्ट कर रही है। अमेरिका यूरोपीय संघ और कनाडा भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों के मुरीद हो गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अपील कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करने के लिए, असर दिखने लगा है। जैविक खेती पर सरकार और किसान दोनों फोकस कर रहे हैं।भारत में 2003-04 तक सिर्फ 76,000 हेक्टयर में हो‌ रही थी, जो आप 10.85 हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है, और अब वह 33.32 लाख हेक्टयर बढ़कर हो चुका है। इन स में से कई राज्य ऐसे हैं, जो इनमें अच्छा काम कर रहे है।‌जैसे- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, यूपी, ओडिशा, कर्नाटक ,झारखंड और आसाम यह सब अच्छा काम कर रहे हैं। पूरी दुनिया में भारतीय जाविक उत्पादों की मांग में वृद्धि से किसान की कमाई भी बढ़ रही है।

Pm modi yojna for farmers

एक समय ऐसा था, जब यहां जैविक खादों से ही लोग खेती करते थे। हरित क्रांति की शुरुआत होने के साथ ही रसायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल की दौड़ शुरू हो गई थी, जिससे लोगों के सेहत पर काफी खराब असर कर हो था। मानव शरीर के लिए यह बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं था और इसके इस्तेमाल से ज़मीन भी बंजर हो रही थी। इस तरह की खेती में कीटनाशक और रासायनिक खादों का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए जैविक खेती से पैदा उत्पाद सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते। हालांकि ऑर्गेनिक खेती के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी है।

केंद्र सरकार द्वारा इस वक्त दो योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें खेती को प्रमोट करने के लिए।परंपरागत कृषि विकास योजना और पूर्वोत्तर क्षेत्र मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट योजना शामिल है। अब यह करीब 2952 करोड़ रुपए तक का बजट हो चुका है।

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अगर कोई व्यक्ति ऑर्गेनिक खेती करना चाहता है, तब परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत ही उन्हें मदद मिलेगी। 50 हज़ार रुपए प्रति हेक्टर तीन साल में मिलेंगे और सरकार 31,000 रूपए भी देती है। किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों और वर्मी कंपोस्ट आदि खरीदने के लिए सरकार मदद करेगी।किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चैन डेवलपमेंट फ्रॉम नॉर्थ ईस्टर्न तहत 3 साल में प्रति हेक्टेयर 75000 रूपए की मदद दी जा रही है। यूनाइटेड नेशन के खाद्य और कृषि संगठन में चीफ टेक्निकल एडवाइजर रहे प्रो. रामचेत चौधरी के मुताबिक इसके लिए आर्थिक सहायता तीन की बजाय पांच साल तक देनी चाहिए।

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केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक जैविक खादों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। 2294 लाख मिट्रिक टन साल 2013-14 में ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन था, जो साल 2017 से 18 में बढ़कर 3388 लाख मिट्रिक टन हो गया। साल 2019-20 में भारत से 6,38,998 मिट्रिक टन जैविक उत्पादों का एक्सपोर्ट किया गया। इस उत्पादन के कारण देश को 4686 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।

अमेरिका, यूरोपीय संघ और कनाडा भारत से जैविक उत्पादों के मुख्य आयातक है। इन देशों के अलावा सुजरलैंड‌, ऑस्ट्रेलिया, इसराइल, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, न्यूजीलैंड और जापान भी यहां के जैविक उत्पादों के मुरीद हैं।

News Desk

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