शादी शुदा एन.अंबिका की लेडी सिंघम बनने की कहानी जानिए कैसे है अलग

कहते हैं, अगर हम पूरे मन से कुछ पाने का प्रयास करें तो कोई भी मुसीबत हमारे रास्ते का रुकावट नहीं बन सकती।

बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं कि लड़किया शादी के बाद कुछ नहीं कर सकतीं, परंतु ऐसा नहीं है। वह शादी के बाद भी सपना देख सकती हैं और उसे पूरा भी कर सकती हैं।
आज हम एक ऐसी ही महिला आईपीएस अफसर की बात करेंगे, जिनका आईपीएस का सफर बाकियों से बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने हर युवा को यह सिख दी की जिंदगी में हमें कभी झुकना नहीं चाहिए बल्कि हर मुसीबत का डटकर सामना करना चाहिए।

एन.अंबिका (N. Ambika) की कहानी

अंबिका की महज 14 साल की उम्र में एक पुलिस कॉन्स्टेबल से शादी हो गई और 18 साल की उम्र में अंबिका दो बच्चों की माँ भी बन गईं। एक बार अंबिका अपने पति के साथ गणतंत्र दिवस की पुलिस परेड देखने गई थीं। वहां उन्होंने देखा कि उनके पति ऊंची रैंक के अधिकारियों को सैल्यूट कर रहे थे। यह देख अंबिका ने अपने पति से पूछा कि ऐसा क्यों किया? वह कौन थे? तब उनके पति ने उन्हें बताया कि वह आईपीएस थे।

N.Ambika's story of becoming an IPS officer

अंबिका ने किया आईपीएस बनने का फैसला

अंबिका ने अपने पति से आईपीएस के विषय में पूछा तो उन्होंने बताया कि आईपीएस बनने के लिए सिविल सर्विसेज एग्जाम देना पड़ता है। यह जान कर अंबिका ने परीक्षा में बैठने का मन बनाया। अंबिका शादी से पहले ही अपनी पढ़ाई छोड़ चुकी थीं और अपनी गृहस्थी संभाल रही थीं। परंतु अब अंबिका ना सिर्फ़ परीक्षा में बैठने का बल्कि उसमें सफल होने का भी फैसला कर चुकी थीं। सफर मुश्किल था, परंतु अंबिका का इरादा पक्का था।

N.Ambika's story of becoming an IPS officer

इस सफर में मिला पति का साथ

अंबिका ने फिर से अपनी पढ़ाई की शुरूआत की और एक प्राइवेट कोचिंग से 10वीं और बाद में डिस्टेडिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन पूरी की। उसने बाद अंबिका आईपीएस परीक्षा में बैठने के लायक बनीं। डिंडीगुल में कोई कोचिंग सेंटर नहीं होने की वजह से अंबिका ने चेन्नई में रहकर सिविल सर्विसेज के परीक्षा की तैयारी की, जिसमेें उनके पति ने उनका पुरा साथ दिया। वह नौकरी के साथ-साथ दोनों बच्चों की देखभाल भी करते थे।

N.Ambika's story of becoming an IPS officer

अंबिका बनी आईपीएस अफसर

इतने कठिनाइयों के बाद जब अंबिका ने परीक्षा दी तो, वह एक बार नहीं बल्कि तीन बार परीक्षा में फेल हुईं। तीन बार असफल होने के बाद उनके पति चाहते थे कि अब वह वापस लौट आएं। परंतु अंबिका ने हिम्मत नहीं हारी और वह फिर से तैयारी में लग गईं। वह एक और बार प्रयास करना चाहती थीं। आखिरकार साल 2008 में अंबिका की मेहनत रंग लाई और वह परीक्ष पास कर आईपीएस अफसर बनने में सफल हो गईं।

अंबिका की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र में मिली। आज अंबिका मुंबई में जोन-4 की डीसीपी हैं। अंबिका अपने कार्य के चलते मुंबई की ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हैं।

Daily Dose एन.अंबिका की हिम्मत की तारीफ करता है और उन्हें उनके कामयाबी के लिए बधाई देता है।

News Desk

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