आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, यह सिद्ध कर दिखाया है कर्नाटक के एक किसान ने: बटोरी है क्रिकेटर से तारीफ

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, (Necessity is the Mother of Invention). यह कथन अकाट्य सत्य है। जरुरत पड़ने पर छोटा-से-छोटा और बड़ा-से-बड़ा आविष्कार कर सकता है। जरुरत मनुष्य से कुछ भी करवा सकती है। कुछ बड़ा बदलाव लाने के लिए जरुरी नहीं है कि पर्याप्त संसाधन उप्लब्ध हो बल्कि सीमित संसाधन में भी कई आविष्कार हुए हैं।

हाल ही में एक ऐसे किसान उभर कर आएं हैं, जिन्होंने बिजली उत्पादन के लिए जुगाड़ से वाटरमिल (Watermill) तैयार किया है। पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण (VVS Lakshman) भी इसके कायल हो गए और किसान की तारीफ किए बिना नहीं रह सके।

कर्नाटक के किसान ने किया आविष्कार

कर्नाटक (Karnataka) के किसान सिदप्पा (Sidappa) ने जुगाड़ से बिजली उत्पादन के लिए एक वाटरमिल का निर्माण किया है, जिसकी तारीफ पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने सोशल मीडिया पर की है। सिदप्पा ने प्लास्टिक और लकड़ी का उपयोग कर टिकाऊ और सस्ता वाटरमिल तैयार किया है। इससे नहर में पानी के बहाव से 150 वाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।

Watermill

कब बनाया वाटरमिल?

रिपोर्ट के अनुसार सिदप्पा ने वाटरमिल (Watermill) को उस वक्त बनाना आरंभ किया था, जब हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कम्पनी लिमिटेड (HESCOM) ने बिजली की आपूर्ति के लिए उन्हें इंकार कर दिया था। सिदप्पा द्वारा बनाए गए इस वाटरमिल ने पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण का ध्यान भी अपनी ओर खींचा और परिणामस्वरुप उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वाटरमिल की तस्वीर शेयर की और सिदप्पा की तारीफ की।

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वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने तस्वीर शेयर करते हुये कैप्शन लिखा, “अतुल्य-ग्रामीण कर्नाटक के एक किसान, सिदप्पा ने बिजली पैदा करने के लिए एक पानी की चक्की डिजाइन किया है और इसे अपने घर के पास नहर में संचालित करते हैं। सिदप्पा ने 5 हजार रुपए में इस वाटरमिल को तैयार किया है। नहर में पानी बहने पर इस तकनीक से 150 वाट बिजली पैदा किया जा सकता है।”

पूरे गांव के लिए पैदा कर सकता है बिजली

सिदप्पा ने कहा कि यदि नहर के माध्यम से पानी की नियमित रूप से आपूर्ति होती है, तो यह वाटरमिल पूरे गांव के लिए बिजली पैदा कर सकता है, लेकिन इसमें समस्या यह है कि नहर में पानी सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही होता है।

वास्तव में सिदप्पा ने वाटरमिल तैयार कर यह सिद्ध कर दिया है कि पर्याप्त संसाधन नहीं होने के बाद भी परिवर्तन लाया जा सकता है।

News Desk

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