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Monday, December 5, 2022
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हरियाणा की शनन ढाका बनी NDA पास करने वाली पहली बेटी

नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की परीक्षा में इस साल पहली बार लड़कियों को भी शामिल होने का मौका मिला। हाल ही में इसका रिजल्ट आया है। हरियाणा की शनन ढाका देश की पहली बेटी बनी हैं, जिन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की है। शनन लड़कियों की कैटेगरी में पहले और कुल मिलाकर 10वें नंबर पर रहीं।

हरियाणा के बेटी नेशनल डिफेंस अकेडमी (एनडीए) की परीक्षा में महिलाओं के पहले बैच में टाप करने वाली शनन ढाका देश की पहली लड़की बनी हैं। अब तीन साल से पुणे स्थित प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग करेंगी और उसके बाद एक साल तक भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण लेंगी।

दादा और पिता से मिली प्रेरणा

सेना में जाने के फैसले के बारे में 19 साल की शनन ढाका कहती हैं, ‘यह फैसला मैंने एकदम से लिया और इसकी प्रेरणा मुझे अपने दादाजी और पिताजी से मिली। मेरे दादाजी चंद्रभान ढाका सूबेदार थे और मेरे पिता विजय कुमार ढाका आर्मी सर्विस कॉर्प्स में नायब सूबेदार थे।’ वह आगे कहती हैं, ‘मैं कैंटोनमेंट एरिया में पली-बढ़ी हूं। बचपन से ही मैंने देखा है कि सेना के अधिकारियों को काफी सम्मान मिलता है। इसके अलावा सभी लोग सेना के जवानों पर बहुत विश्वास करते हैं, इसी से मुझे सेना में जाने की इंस्पिरेशन मिली। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला है।’

कुछ यूं की परीक्षा की तैयारी 

बता दें कि कुल  एनडीए के 5,75,856 आवेदकों में से 1,77,654 महिलाएं थीं. ये परीक्षा पिछले साल 14 नवंबर को आयोजित की गई थी.  शानन ने 40 दिनों तक  अपना सारा समय एनडीए प्रवेश परीक्षा के लिए समर्पित  कर दिया. इस समय शानन हर दिन पांच घंटे पढ़ाई करती थी, शानन प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान पिछले साल के प्रश्नपत्रों को भी हल करती थी.

पहली कोशिश में ही मिली कामयाबी

पहली ही कोशिश में एनडीए की परीक्षा पास करने वाली शनन ढाका ने अपनी पढ़ाई रुड़की, जयपुर और चंडीमंदिर (पंचकुला) के आर्मी पब्लिक स्कूलों से की है। उन्होंने पिछले साल दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन लिया था और तभी उन्हें एनडीए की परीक्षा के बारे में पता चला। शनन कहती हैं, ‘मैंने तुरंत ही एनडीए में अप्लाई करने का फैसला ले लिया।’ एनडीए के इस कोर्स में 19 गर्ल कैडेट्स होंगी- आर्मी के लिए 10, एयर फोर्स के लिए 6 और नेवी के लिए 3। एकेडमी का कहना है कि तीन साल की ट्रेनिंग जेंडर न्यूट्रल तरीके से होगी। 

अब्दुल कलाम की जिंदगी से हुईं इंस्पायर

शनन कहती हैं कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी से प्रेरणा मिली है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जीरो से की और अपने कौशल, दृढ़ संकल्प और ईमानदारी के जरिए कामयाबी की नई ऊंचाइयों को छुआ। भले ही वे देश के राष्ट्रपति बने, लेकिन वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे। शनन बताती हैं कि सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) की परीक्षा के लिए उन्होंने ऑलिव ग्रीन्स इंस्टीट्यूट के अनुभवी कर्नल अशोकन से सलाह ली। इंटरव्यू से पहले उन्हें एपीएस चंडीमंदिर की प्रिंसिपल सुमन सिंह से भी कुछ टिप्स मिले, जिन्होंने उन्हें बताया कि ईमानदार बनो और इस प्रोसेज का मजा लो। शनन का कहना है कि उनके माता-पिता ने कभी भी अपनी तीनों बेटियों के पंख काटने की कोशिश नहीं की। शनन की बड़ी बहन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हैं जबकि उनकी छोटी बहन 5वीं क्लास में पढ़ रही है। 

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