केले के रेशे से बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय पटल पर व्यापार में घोल रहे मिठास: योगी योजना

दिन-प्रतिदिन यह बात हमारे सामने दर्शित होती दिख रही है कि अधिकतर व्यक्ति किसी भी समान को रीयूज कर उसे उपयोगी सिद्ध कर रहे हैं। अब योगी सरकार के योजना द्वारा हमारे किसान केले के रेशे का उपयोग कर उत्पाद निर्मित कर रहे हैं, जो देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी निर्यात हो रहा है।

ODOP योजना का लाभ

यूपी सरकार की योजना एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) द्वारा, वहां के किसानों शिल्पकार और दस्तकारों को अधिक लाभ मिल रहा है। यहां केले के रेशे से विभिन्न प्रकार के उत्पाद निर्मित किए जा रहे हैं, जिनका अधिक मात्रा में डिमांड है।

Fibres of banana

रवि प्रसाद ने 450 महिलाओं को जोड़ा कार्य से

रवि प्रसाद (Ravi Prasad) यूपी के हरिहरपुर (Hariharpur) से सम्बंध रखते हैं। उनकी उम्र 36 वर्ष है। उन्होंने ओडीओपी योजना द्वारा ज़िले में केले के रेशे द्वारा अन्य तरह के उत्पाद निर्माण का कार्य प्रारंभ किया और उन्होंने इस कार्य में लगभग साढ़े 400 महिलाओं के साथ-साथ, 60 पुरुषों को सम्मिलित कर उन्हें रोज़गार दिया है।

500 व्यक्तियों को दिया ट्रेनिंग

उन्होंने जानकारी दिया कि कुशीनगर के 9000 हेक्टेयर दायरे में केले की खेती हो रही है और इस खेती में लगभग 9500 किसान एवं 500 हस्तशिल्प जुड़े हैं। 500 व्यक्तियों में लगभग साढ़े 300 व्यक्ति केले के रेशे से किस तरह उत्पादों का निर्माण करना है, इन सब की ट्रेनिंग मिली है और डेढ़ सौ लोगों को केले से उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग प्राप्त है। यहां केले के रेशे से 20 से 25 तरह के उत्पादों को निर्मित किया जा रहा है।

CM of UP

केले रेशे से बनने वाले उत्पाद

रवि ने यह जानकारी दिया कि केले के रेशे के द्वारा चप्पल, बैग, मैट और कालीन का निर्माण किया जाता है। रेशे से निर्मित कालीन लोगों को अधिक पसंद है, इसका डिमांड अधिक है। अगर मेले में यह कालीन बिकने चला जाये तो 3 लाख रुपये के करीब हमें इससे राशि प्राप्त होते हैं। लघु उद्योग के तौर से केले के रेशे से 3 लाख और बृहद उद्योग के तौर पर 5 लाख का लाभ मिल जाता है। रेशे से निर्मित उत्पाद इंटरनेशनल लेवल पर बिक रहे हैं।

News Desk

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