गैलेंट्री अवॉर्ड लेते हुए शहीद की मां ने छोटे बेटे को भी सेना में शामिल करने के लिए कहा, सबकी आंखें हुई नम

अक्सर हम एक माँ को कमजोर समझते हैं, लेकिन यह एक खोखली मानसिकता है। अजमेर जिले के रूपनगढ़ उपखंड के भदूण गाँव के रहने वाले शहीद हेमराज जाट की वृद्ध माँ ने जब दक्षिण-पश्चिमी कमान के अलंकरण समारोह में बेटे के मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड लेते हुए नम आंखों के साथ कहा, “साहब मेरा एक और छोटा बेटा है। उसे भी फौज में शामिल कर लो। वह भी देश की सेवा करेगा। साथ में मेरा बुढ़ापा भी फक्र और आसानी से गुजर जाएगा।” उस वीर माँ की यह बात सुन वहां उपस्थित हर एक व्यक्ति की आंखें नम हो गई।

शहीद हेमराज की माँ पहुंची मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड लेने

शुक्रवार को शहीद हेमराज को मरणोपरांत गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड लेने उनकी 70 वर्षीय वृद्ध माँ ढाका देवी (Dhaka Devi) गई थी। उस दौरान उनकी आँखें नम थी। यह देख कार्यक्रम में मौजूद सेना के अधिकारी और जवानों की भी आंखें भर आईं। शहीद की माँ ने दक्षिण-पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ आलोक क्लेर (Alok clar) से हाथ जोडक़र अपने छोटे बेटे बंशी को सेना में भर्ती करने को कहा।

लेफ्टिनेंट जनरल आलोक ने पहले माँ को किया सैल्यूट

लेफ्टिनेंट जनरल आलोक ने पहले शहीद हेमराज की माँ को सैल्यूट किया और उसके बाद अवार्ड प्रदान किया। समारोह के बाद लेफ्टिनेंट जनरल आलोक शहीद हेमराज की माँ से दुबारा मिले और उन्हें दो बार फिर सैल्यूट किया। उनके साथ सेना के अन्य अधिकारी भी गए और शहीद हेमराज की माँ से मिले और उनका हालचाल पूछा और साथ ही उन्होंने उनके साथ फोटो भी खिंचवाए।

Emotional mother of martyr soldier

हेमराज जाट (Hemraj Jat)

कुछ साल पहले ग्रिनेडियर हेमराज जाट जम्मू-कश्मीर में सीमा पर ड्यूटी दे रहे थे। एक सितम्बर 2019 को एक ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए हेमराज 24 वर्ष के उम्र में शहीद हो गए थे। इस घटना से केवल 2 साल पहले ही शहीद हेमराज की शादी हुई थी। शहीद हेमराज की माँ कहती है कि उसके लाल हेमराज ने देश की रक्षा की खातिर अपनी जान दी है। यह उनके लिए बहुत ही गर्व की बात है। इसके अलावा वह देश की रक्षा के लिए अपने छोटे बेटे बंशी और दो पौतों को भी फौज में भेजना चाहती हैं। यह कहते हुए उनकी आँखें नम हो गई।

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बहुत से सैनिकों को किया गया सम्मानित

दक्षिण-पश्चिमी कमान के अलंकरण समारोह के दौरान क्लेर ने सेना के शूरवीरों को 10 सेना मैडल (वीरता), 2 सेना मैडल (प्रतिष्ठित) और 4 विशिष्ट सेवा मैडल प्रदान किए हैं। क्लेर ने छह ऑफिसर, एक जूनियर कमीशन ऑफिसर और नौ अन्य पदों पर पदस्थापित सैनिकों को पुरस्कार प्रदान किए हैं। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान की 23 यूनिटों को भी प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया, जिन्होंने पूरे वर्ष के दौरान सराहनीय प्रदर्शन किया।

केवल दो साल पहले ही हुए थे सेना में नियुक्त

शहीद हेमराज जाट केवल दो साल पहले ही भारतीय थल सेना में नियुक्त हुए थे। कश्मीर में तैनाती के दौरान राजौरी पूंछ सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी में वह शहीद हो गए थे। हेमराज अपने भाई बहनो में सबसे छोटे हैं। उनके चार भाइयों हैं जिसमें सबसे छोटे शहीद हेमराज ही थे। बड़े भाई पूराराम, रामेश्वर, गिरधारी, बंशी, गोपाल व बहन सोनी देवी उनके बड़े भाई बहन हैं। वह साल 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए और साल 2019 में वह शहीद हो गए।

News Desk

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