दुनिया की 7 सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने वाली DIG अपर्णा कुमार संभाल रही रेस्क्यू ऑपरेशन

7 फ़रवरी को उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने की घटना दिल दहला देती है। इस घटना ने चमोली का पूरी नक्शा ही बदल दिया। वहां अब भी लोग लापता हैं और उन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने रेस्क्यू की पूरी जिम्मेदारी ITBP के जवान पर सौंपी हैं। ITBP चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। ITBP की DIG पहली महिला अफसर अपर्णा इसकी कमान संभाल रही हैं।

अपर्णा कुमार (Aparna Kumar)

कर्नाटक के शिवमोगा की रहने वाली अपर्णा 2002 यूपी कैडर की IPS अफसर हैं। सिर्फ़ वही नहीं बल्कि उनके पति संजय कुमार भी यूपी कैडर के IAS अफसर हैं। अपर्णा अपनी ड्यूटी के साथ-साथ दुनिया 7 अलग-अलग महाद्वीपों में स्थित 7 समिट्स यानी दुनिया की 7 सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने वाली देश की पहली महिला IPS अफसर बनी हैं।

अपर्णा ने ऊंची चोटियों पर चढ़ने का फैसला किया

अपर्णा माउंट एवरेस्ट, माउंट किलिमंजारो, माउंट एल्ब्रुश, कार्सटेंस पिरामिड, विन्सन मैसिफ, माउंट एकांकागुआ और माउंट डेनाली पर चढ़ाई करने में सफलता प्राप्त कर चुकी हैं। अपर्णा बताती हैं कि जब वह मसूरी में एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज की ट्रेनिंग ले रही थी, तब उन्होंने पहली बार बर्फ से ढके पहाड़ों को देखा और उनपर चढ़ने का मन बना लिया।

DIG Aparna Kumar is holding rescue operation

अपर्णा का चोटियों पर चढ़ने का सफर

अपर्णा ने 11 साल बाद साल 2013 में माउंटेनियर फाउंडेशन का कोर्स किया। उसके एक साल बाद 39 साल की उम्र में अपर्णा ने साल 2014 में पहली बार अफ्रीका की सबसे ऊंची माउंट किलिमंजारो की चोटी पर चढ़ाई की और उसमें सफल हुई। उसी साल उन्होंने आस्ट्रेलिया और ओशिनिया के सबसे ऊंचे पर्वत कार्स्टेंस पिरामिड पर तिरंगा फहराया। इसके अलावा साल 2015 में अर्जेंटीना की सबसे ऊंची माउंट एकांकाकागुआ की चोटी की चढ़ाई पुरी की।

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इस तरह अपर्णा ने पूरा किया चोटियों पर चढ़ने का सफर

साल 2015 में ही वह रूस की कोकेशियान रेंज की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुश पर चढ़ने में सफल हुईं। उसके बाद साल 2016 में उन्होंने विन्सन मासिफ पर पताका फहराई और साथ ही दुनिया की सबसे ऊंची चोटी नेपाल की माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराने में सफल हुईं। साल 2019 में अपर्णा कई किलोग्राम के भारी उपकरण लेकर कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने में सफल हुईं। वह माइनस 40 डिग्री तापमान में दक्षिणी ध्रुव तक गई थीं।

अपर्णा राष्ट्रपति द्वारा हो चुकी हैं सम्मानित

अपर्णा राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ram Nath kovind) द्वारा साल 2019 के सर्वोच्च सम्मान तेनजिंग नोरगे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी हैं। यह आवॉड अर्जुन पुरस्कर के बराबर माना जाता है।

News Desk

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