बालिका दिवस के अवसर पर एक दिन की थाना प्रभारी बनी इस लड़की ने अपने ही पिता का चालान काट दिया: उत्तर प्रदेश

अक्सर हम यह देखते आ रहे हैं कि लोग अपने फर्ज़ के लिए किसी भी रिश्ते-नाते की अहमियत ना देते हुए, अपनों को भी दोषी मानकर सख्ती से पेश आते हैं। इसी पर प्रस्तुत है एक ऐसी बेटी की कहानी, जिसने अपने फर्ज़ के लिए अपने पिता पर भी वाहन चलाने के दौरान हेलमेट ना पहनने के कारण चालान काटा है।

आकांक्षा बनी थाने की इंचार्ज

बालिका दिवस पर एक दिन के लिए आकांक्षा थाना प्रभारी बनी, तब उन्होंने सभी के साथ गलत कार्यों के लिए समान बर्ताव किया। आकांक्षा (Aakanksha) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ऊसराहार पुलिस थाने (Usrahar Police Station) की प्रभारी (In Charge) बनी, तब उनके पास जो भी व्यक्ति थाने में अपनी समस्या लेकर आया, उसपर त्वरित कार्यवाही हुई। इतना ही नहीं उन्होंने दुकानदारों के अतिक्रमण से मुक्ति के साथ वाहन चालकों के हेलमेट ना पहनने पर चालान भी काटा। बीएससी की छात्रा आकांक्षा सभी लड़कियों के लिए उदाहरण बन गईं हैं।

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सभी को हेलमेट पहनने का दिया संदेश

थाने में आकांक्षा की नियुक्ति थाना प्रभारी के पोस्ट पर और कृति की सब इंस्पेक्टर के पोस्ट पर हुई और उन दोनों ने अपना-अपना कार्यभार बहुत ही अच्छी तरह से संभाला। पहले आकांक्षा ने सबके साथ परिचय किया और थाने का निरीक्षण भी किया। आगे उन्होंने सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा को निर्देश दिया कि वह भोले सक्सेना के प्रार्थना पत्र के लिए जरूरी कार्रवाई करें। उसके बाद वह इंचार्ज अमरपाल सिंह एवं अन्य पुलिसमैन के साथ वहां के कस्बे में भ्रमण के लिए गईं।

पिता ने कहा आगे से नहीं होगी गलती

जब वह वाहन चेकिंग कर रही थीं, तब उन्होंने देखा कि बिना हेलमेट पहने उनके पिता बाइक चला रहे हैं, तब उन्होंने अपने पिता को रुकवाया और चालान काटने का आदेश दिया। उन्होंने यह सलाह दी कि अगर भविष्य में अपने परिवार की भलाई चाहते हैं, तो बाइक चलाने के दौरान हेलमेट जरूर पहने। अपनी बेटी के इस आदेश पर पिता ने यह कसम खाई कि अब यह गलती दोबारा नहीं होगी।

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थाने की इंचार्ज बनने से हुई बहुत खुश

उन्होंने कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि मुझे थाने का इंचार्ज बनाया गया, जिस कारण मैंने यह सीखा कि पुलिस कर्मी अपना कार्य किस तरह करते हैं और इन सभी चीज़ों को बहुत ही करीब से समझ भी पाई।” जिस तरह लोगों की मानसिकता बदल रही है और लड़कियों को हर क्षेत्र में अपने सपनों को पूरा करने का हक मिल रहा है, यह सभी लड़कियों के लिए सकारात्मक सोच है।

News Desk

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